राजा हरिश्चंद्र संगीत महोत्सव, ज़फराबाद जौनपुर

राजा हरिश्चंद्र संगीत महोत्सव, ज़फराबाद जौनपुर

When
Fri, 9 October 2026
Where
Price
Price TBA

#ज़फराबाद और #जौनपुर आदि काल से ललित कलाओं के केंद्र रहे हैं। ब्रह्मर्षि #वशिष्ठ की परंपरा के किसी ऋषि ने यहां हिन्दू और बौद्ध, दोनों ताराओं का भी मिलन किया। हिन्दू #तारा का उदय मेसापोटामिआ से हुआ था, जिनका स्पेन और पुर्तगाल की तरफ बढ़ाव हुआ, और बौद्ध तारा का उदय सिल्क पथ से हुआ, जिनका भारत और दक्षिण एशिया की तरफ विस्तार हुआ। भगवान #श्री_राम #रावण के वध के लिए जिन तारा को अपने दोनों नेत्र-कमल भी अर्पित करने को उद्यत, उन बौद्ध तारा को सीता विजय तारा कहा गया है। राम की शक्ति पूजा में #महाकवि_निराला ने उन तारा के भगवान श्री राम में समाहित हो जाने का कितना भावपूर्ण वर्णन किया है-- “यह है उपाय” कह उठे राम ज्यों मुद्रित घन— “कहती थीं माता मुझे सदा राजीव नयन! दो नील कमल हैं शेष अभी, यह पुरश्चरण पूरा करता हूँ देकर मातः एक नयन।'' कहकर देखा तूणीर ब्रह्मशर रहा झलक, ले लिया हस्त, लक-लक करता वह महा फलक;

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