gopal yog
- When
- Sat, 12 September 2026
- Where
- —
- Price
- Price TBA
1.19 गोपाल योग भाग्येश के मीन अथवा धनु राशिगत होने से, दशमस्थ शुक्र पर पंचमेश की दृष्टि होने से निर्मित। अपनी उच्च राशि में किसी भी ग्रह के होने तथा अपने मित्र द्वारा दृष्ट होने से निर्मित। जीवेशे नियतिनायकस्ते दीपदृष्टयते सम्भवे वा। तुष्मिन्द्र्यात् खग एकोपिदृष्ट्ययते यदि तद्वत्।। (ज्योतिषरत्नम/अ० 32, श्लोक-232) बृहस्पति की (9/12) राशि में नवमेश हो और दशम में शुक्र हो और वह पंचमेश से दृष्ट हो अथवा स्वोच्च राशि में एक ग्रह भी हो और वह मित्र ग्रह से दृष्ट हो तो भी उक्त योगों में उत्पन्न पुरुष भूपति कुल में भूपति और अन्य कुल में मंत्री होता है। अर्थात् : भाग्येश यदि बृहस्पति द्वारा संचालित राशि धनु अथवा मीनगत हो और दशमस्थ शुक्र पंचमेश द्वारा दृष्ट हो अथवा अपनी उच्च राशि में एक भी ग्रह हो और वह उच्च ग्रह अपने किसी भी मित्र ग्रह द्वारा दृष्ट हो, तो जातक यदि राजवंश में जन्म है तो राजा बनता है प